विहंगम योग आश्रम म्हां हवन, सत्संग अर भंडारा रो आयोजन
हिंदू धर्म म्हां हिंदू पंचांग अनुसार माघ मास री पूर्णिमा रो घणो खास महत्व मान्यो जावै है। ई दिन ने आम बोलचाल म्हां माघी पूनम भी कह्या जावै है। शास्त्रां अरू पुराणां म्हां लिख्यो है कि माघ पूर्णिमा रो दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य अरू सत्कर्म करणा सै जीवन म्हां सुख, शांति अरू समृद्धि आवै है।
मान्यता है कि माघी पूर्णिमा रो दिन गंगा स्नान करणा सै मनुष्य रा पाप दूर हो जावै है अरू मोक्ष री प्राप्ति होवै है। इस कारण देश भर म्हां ई दिन लाखां श्रद्धालु नदी, सरोवर अरू तीर्थ स्थलां पर स्नान करैं।
असली त्रिवेणी संगम शरीर रा भीतर
विहंगम योग रा प्रणेता महर्षि सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज अनुसार असली त्रिवेणी संगम बाहर कहीं ना, पण मनुष्य रा खुद रा शरीर म्हां ही होवै है। उनां बतायो कि बाहरी गंगा, यमुना अरू सरस्वती जेसो संगम तो एक प्रतीक है, असली संगम तो हमारे भीतर स्थित है।
महर्षि जी कहै है कि विहंगम योग रा माध्यम सै जब इंगला, पिंगला अरू सुषमा नाड़ी रो मेल होवै है, तब शरीर रा अंदर आंतरिक त्रिवेणी संगम स्नान होवै है। ई आंतरिक स्नान सै मन, बुद्धि अरू आत्मा पवित्र हो जावै है।
उनां ई भी समझायो कि केवल बाहर पानी म्हां स्नान करणा सै ही पूरा लाभ ना मिलै। बाहरी स्नान सै शरीर साफ होवै है, पण अंदर रो स्नान मन रा मैल, विकार अरू बुरे विचार दूर करै है। जिकां सै मनुष्य ईश्वर प्राप्ति रा रास्ता पर आगे बढ़ै है।
जामुड़िया रा निंघा म्हां विशेष कार्यक्रम
माघी पूर्णिमा रा पावन अवसर पर जामुड़िया क्षेत्र रा निंघा गांव स्थित विहंगम योग संस्थान, महर्षि सदाफल देव आश्रम म्हां मासिक कार्यक्रम रा आयोजन कियो गयो। ई कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक, आध्यात्मिक अरू शांतिपूर्ण माहौल म्हां संपन्न होयो।
कार्यक्रम रा मुख्य आकर्षण दो कुंडीय विश्व शांति वैदिक हवन यज्ञ रह्यो। हवन यज्ञ मंत्रोच्चारण अरू वैदिक विधि सै कियो गयो। आश्रम रा साधकां अरू शिष्यां हवन म्हां आहुतियां दी अरू विश्व शांति, मानव कल्याण अरू सद्बुद्धि खातर प्रार्थना करी।
सत्संग सै मिला आध्यात्मिक ज्ञान
हवन यज्ञ पाछां सत्संग रो आयोजन कियो गयो। सत्संग म्हां गुरु महिमा, विहंगम योग रा महत्व अरू जीवन म्हां संयम, सेवा अरू सच्चाई रा रास्ता अपनावण रा संदेश दियो गयो।
सत्संग दौरान बतायो गयो कि आज रा समय म्हां मनुष्य बाहरी सुख-सुविधा पाछां भागतो जा रह्यो है, पण असली शांति आत्मा रा भीतर मिलै है। योग, ध्यान अरू सत्संग सै ही मन स्थिर होवै है अरू जीवन सही दिशा म्हां जावै है।
भंडारा म्हां सैकड़ां लोगां ने लिया प्रसाद
कार्यक्रम पाछां भंडारा रो आयोजन कियो गयो। भंडारा म्हां आसपास रा गांव अरू क्षेत्र सूँ आए सैकड़ां श्रद्धालुआं ने प्रसाद ग्रहण कियो। भंडारा सेवा भाव सै आयोजित कियो गयो, जिकां म्हां आश्रम रा शिष्यां पूरी व्यवस्था संभाली।
लोगां ने प्रेम, अनुशासन अरू सादगी सै प्रसाद बांट्यो गयो। श्रद्धालुआं कह्यो कि भंडारा सिर्फ भोजन ना, पण सेवा अरू समर्पण रो प्रतीक होवै है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
ई कार्यक्रम म्हां अतिथि रूप म्हां स्थानीय वार्ड संख्या आठ री पार्षद उषा पासवान, पार्षद प्रतिनिधि भोला पासवान अरू तृणमूल वार्ड अध्यक्ष सुवर्णो मुखर्जी उपस्थित रहा। आश्रम प्रबंधन री ओर सै सब अतिथियां रो सम्मान कियो गयो।
सम्मान पाछां पार्षद प्रतिनिधि भोला पासवान ने आश्रम रा पदाधिकारी अरू शिष्यां री तारीफ करी। उनां कह्यो कि आश्रम म्हां अक्सर ऐसे धार्मिक अरू आध्यात्मिक कार्यक्रम होता रहै है।
आश्रम री अनुशासन अरू सकारात्मकता
भोला पासवान कह्यो—
“आश्रम रा पदाधिकारी हर कार्यक्रम ने बहुत अच्छे ढंग सै संपन्न करै है। आश्रम रा सभी शिष्य बहुत अनुशासित है। जब-जब आश्रम म्हां कार्यक्रम होवै है, आसपास रो माहौल बहुत आध्यात्मिक अरू सकारात्मक बन जावै है।”
उनां ई भी कह्यो कि जब भी आश्रम री ओर सै न्योतो आवै है, वो खुद अरू बाकी जनप्रतिनिधि जरूर पधारै है। अगर आश्रम ने कभी किसी तरह री समस्या आवै, तो समाधान खातर वो हमेशा तैयार है।
आध्यात्मिक वातावरण सै समाज ने लाभ
आश्रम म्हां आयोजित ऐसे कार्यक्रमां सै ना केवल श्रद्धालुआं ने आध्यात्मिक लाभ मिलै है, पण आसपास रा समाज भी सकारात्मक सोच अपनावै है। लोग बुरी आदतां छोड़ कै सादा, सच्चा अरू संयमित जीवन जीणो सीखै है।

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